नबी Ayyub

12 / 25 أيوب Job 6 आयतें

अय्यूब को मुसीबत में उनके सब्र के लिए याद किया जाता है।

1

सब्र करने वाला बंदा

अय्यूब अपने रब को पुकारते हैं कि मुझे तकलीफ़ पहुँची है, और तू सब रहम करने वालों से बढ़कर रहम करने वाला है। अल्लाह जवाब देता है, जो तकलीफ़ थी उसे दूर कर देता है, और उन्हें उनके घर वाले और उनके साथ उन जैसे और दे देता है। उनसे कहा जाता है कि घास का एक मुट्ठा लेकर मारो ताकि क़सम न टूटे। अल्लाह उन्हें सब्र करने वाला, बेहतरीन बंदा और अपनी ओर लौटने वाला कहता है।

आयतें दिखाएँ (6)

۞ وَأَيُّوبَ إِذْ نَادَىٰ رَبَّهُۥٓ أَنِّى مَسَّنِىَ ٱلضُّرُّ وَأَنتَ أَرْحَمُ ٱلرَّٰحِمِينَ ﴿٨٣﴾

(कि भाग न जाएँ) और (ऐ रसूल) अय्यूब (का क़िस्सा याद करो) जब उन्होंने अपने परवरदिगार से दुआ की कि (ख़ुदा वन्द) बीमारी तो मेरे पीछे लग गई है और तू तो सब रहम करने वालोंसे (बढ़ कर है मुझ पर तरस खा)

فَٱسْتَجَبْنَا لَهُۥ فَكَشَفْنَا مَا بِهِۦ مِن ضُرٍّۢ ۖ وَءَاتَيْنَٰهُ أَهْلَهُۥ وَمِثْلَهُم مَّعَهُمْ رَحْمَةًۭ مِّنْ عِندِنَا وَذِكْرَىٰ لِلْعَٰبِدِينَ ﴿٨٤﴾

तो हमने उनकी दुआ कुबूल की तो हमने उनका जो कुछ दर्द दुख था दफ़ा कर दिया और उन्हें उनके लड़के वाले बल्कि उनके साथ उतनी ही और भी महज़ अपनी ख़ास मेहरबानी से और इबादत करने वालों की इबरत के वास्ते अता किए

وَٱذْكُرْ عَبْدَنَآ أَيُّوبَ إِذْ نَادَىٰ رَبَّهُۥٓ أَنِّى مَسَّنِىَ ٱلشَّيْطَٰنُ بِنُصْبٍۢ وَعَذَابٍ ﴿٤١﴾

और (ऐ रसूल) हमारे (ख़ास) बन्दे अय्यूब को याद करो जब उन्होंने अपने परवरगिार से फरियाद की कि मुझको शैतान ने बहुत अज़ीयत और तकलीफ पहुँचा रखी है

ٱرْكُضْ بِرِجْلِكَ ۖ هَٰذَا مُغْتَسَلٌۢ بَارِدٌۭ وَشَرَابٌۭ ﴿٤٢﴾

तो हमने कहा कि अपने पाँव से (ज़मीन को) ठुकरा दो और चश्मा निकाला तो हमने कहा (ऐ अय्यूब) तुम्हारे नहाने और पीने के वास्ते ये ठन्डा पानी (हाज़िर) है

وَوَهَبْنَا لَهُۥٓ أَهْلَهُۥ وَمِثْلَهُم مَّعَهُمْ رَحْمَةًۭ مِّنَّا وَذِكْرَىٰ لِأُو۟لِى ٱلْأَلْبَٰبِ ﴿٤٣﴾

और हमने उनको और उनके लड़के वाले और उनके साथ उतने ही और अपनी ख़ास मेहरबानी से अता किए

وَخُذْ بِيَدِكَ ضِغْثًۭا فَٱضْرِب بِّهِۦ وَلَا تَحْنَثْ ۗ إِنَّا وَجَدْنَٰهُ صَابِرًۭا ۚ نِّعْمَ ٱلْعَبْدُ ۖ إِنَّهُۥٓ أَوَّابٌۭ ﴿٤٤﴾

और अक्लमंदों के लिए इबरत व नसीहत (क़रार दी) और हमने कहा ऐ अय्यूब तुम अपने हाथ से सींको का मट्ठा लो (और उससे अपनी बीवी को) मारो अपनी क़सम में झूठे न बनो हमने कहा अय्यूब को यक़ीनन साबिर पाया वह क्या अच्छे बन्दे थे

यह क़िस्सा केवल क़ुरआन से लिया गया है। दूसरी किताबों की तफ़सीलें नहीं जोड़ी गईं।

अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi।

नबियों के बारे में सवाल

नबी Ayyub कौन थे?

अय्यूब को मुसीबत में उनके सब्र के लिए याद किया जाता है।

क़ुरआन में Ayyub का क़िस्सा कहाँ है?

यह Al-Anbiya 21:83–84, Sad 38:41–44 में है। यह पन्ना इन आयतों को अरबी में और आपकी भाषा में दिखाता है।

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