क्या चोरी हराम है?

हराम पैसा और व्यापार क़ुरआन · 1

संक्षिप्त जवाब

जी हाँ। अल्लाह ने क़ुरआन में चोरी की सज़ा तय की है (5:38), जो दिखाता है कि यह एक गंभीर गुनाह है। किसी दूसरे का माल किसी भी तरह नाजायज़ तरीक़े से लेना हराम है।

दलील

क़ुरआन

وَٱلسَّارِقُ وَٱلسَّارِقَةُ فَٱقْطَعُوٓا۟ أَيْدِيَهُمَا جَزَآءًۢ بِمَا كَسَبَا نَكَٰلًۭا مِّنَ ٱللَّهِ ۗ وَٱللَّهُ عَزِيزٌ حَكِيمٌۭ ﴿٣٨﴾

और चोर ख्वाह मर्द हो या औरत तुम उनके करतूत की सज़ा में उनका (दाहिना) हाथ काट डालो ये (उनकी सज़ा) ख़ुदा की तरफ़ से है और ख़ुदा (तो) बड़ा ज़बरदस्त हिकमत वाला है

यह आम जानकारी है, फ़तवा नहीं। अपनी स्थिति के लिए किसी योग्य आलिम से पूछें।

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