क्या झूठी क़सम खाना हराम है?

हराम बोलचाल और अख़लाक़ क़ुरआन · 2

संक्षिप्त जवाब

जी हाँ। क़ुरआन क़समें पक्की करने के बाद उन्हें तोड़ने से चेतावनी देता है (16:91), और उन्हें सावधान करता है जो अल्लाह के अहद और अपनी क़समों को थोड़े दाम पर बेच देते हैं (3:77)। पैसा या कोई हक़ हड़पने के लिए झूठ पर अल्लाह की क़सम खाना बड़ा गुनाह है।

दलील

क़ुरआन

وَأَوْفُوا۟ بِعَهْدِ ٱللَّهِ إِذَا عَٰهَدتُّمْ وَلَا تَنقُضُوا۟ ٱلْأَيْمَٰنَ بَعْدَ تَوْكِيدِهَا وَقَدْ جَعَلْتُمُ ٱللَّهَ عَلَيْكُمْ كَفِيلًا ۚ إِنَّ ٱللَّهَ يَعْلَمُ مَا تَفْعَلُونَ ﴿٩١﴾

और जब तुम लोग बाहम क़ौल व क़रार कर लिया करो तो ख़ुदा के एहदो पैमान को पूरा करो और क़समों को उनके पक्का हो जाने के बाद न तोड़ा करो हालॉकि तुम तो ख़ुदा को अपना ज़ामिन बना चुके हो जो कुछ भी तुम करते हो ख़ुदा उसे ज़रुर जानता है

إِنَّ ٱلَّذِينَ يَشْتَرُونَ بِعَهْدِ ٱللَّهِ وَأَيْمَٰنِهِمْ ثَمَنًۭا قَلِيلًا أُو۟لَٰٓئِكَ لَا خَلَٰقَ لَهُمْ فِى ٱلْءَاخِرَةِ وَلَا يُكَلِّمُهُمُ ٱللَّهُ وَلَا يَنظُرُ إِلَيْهِمْ يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ وَلَا يُزَكِّيهِمْ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌۭ ﴿٧٧﴾

बेशक जो लोग अपने एहद और (क़समे) जो ख़ुदा (से किया था उसके) बदले थोड़ा (दुनयावी) मुआवेज़ा ले लेते हैं उन ही लोगों के वास्ते आख़िरत में कुछ हिस्सा नहीं और क़यामत के दिन ख़ुदा उनसे बात तक तो करेगा नहीं ओर उनकी तरफ़ नज़र (रहमत) ही करेगा और न उनको (गुनाहों की गन्दगी से) पाक करेगा और उनके लिये दर्दनाम अज़ाब है

यह आम जानकारी है, फ़तवा नहीं। अपनी स्थिति के लिए किसी योग्य आलिम से पूछें।

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