क्या घोड़े का गोश्त हलाल है?
आलिमों में मतभेद है खान-पान
संक्षिप्त जवाब
आलिमों में मतभेद है। शाफ़ई और हंबली मसलक इसकी इजाज़त देते हैं, क्योंकि रिवायत है कि सहाबा ने पैग़ंबर ﷺ के ज़माने में घोड़े का गोश्त खाया। अबू हनीफ़ा और मालिक ने इसे मकरूह माना। बहुत-से लोग रिवाज के कारण इससे बचते हैं।
यह आम जानकारी है, फ़तवा नहीं। अपनी स्थिति के लिए किसी योग्य आलिम से पूछें।