इस्लाम क्रमविकास (इवोल्यूशन) के बारे में क्या कहता है?

विज्ञान, बुद्धि और संदेह क़ुरआन · 5 Hadith · 2

संक्षिप्त जवाब

मुसलमान मानते हैं कि अल्लाह ने ब्रह्मांड और जीवन को पैदा किया, और आदम पहले इंसान थे जिन्हें अल्लाह ने सीधे पैदा किया। ज़्यादातर आलिम ग़ैर-मानव पूर्वजों से इंसान के क्रमविकास को नकारते हैं, जबकि कुछ दूसरी प्रजातियों के क्रमविकास को मानते हैं और कुछ लोग इसे ज़्यादा व्यापक रूप से मानते हैं।

विस्तृत जवाब

क़ुरआन कहता है कि अल्लाह ने आदम को मिट्टी से पैदा किया और उसमें अपनी रूह फूँकी, और आदम और उनकी पत्नी मानवजाति के माता-पिता थे, और क़ुरआन ईसा की पैदाइश की मिसाल आदम की पैदाइश से देता है। इसी कारण आलिमों में मुख्यधारा का मत है कि इंसान दूसरे जानवरों से नहीं उतरा, हालाँकि वे प्रजातियों के भीतर बदलाव मान सकते हैं।

कुछ मुस्लिम चिंतक तर्क देते हैं कि क़ुरआन इस पर चुप है कि सृष्टि में कितना समय लगा और प्रजातियाँ कैसे बनीं, इसलिए वह क्रमविकास को अल्लाह के तरीक़े के रूप में, आदम को रूह वाले पहले प्राणी के रूप में, मानने की गुंजाइश देता है। दूसरे इसे पूरी तरह ठुकराते हैं। मुसलमान आम तौर पर क़ुरआन को विज्ञान की पाठ्यपुस्तक की तरह नहीं पढ़ते, और सृष्टि के ब्योरों के हर सवाल को हल करना ज़रूरी नहीं समझते।

क़ुरआन से

إِنَّ مَثَلَ عِيسَىٰ عِندَ ٱللَّهِ كَمَثَلِ ءَادَمَ ۖ خَلَقَهُۥ مِن تُرَابٍۢ ثُمَّ قَالَ لَهُۥ كُن فَيَكُونُ ﴿٥٩﴾

ख़ुदा के नज़दीक तो जैसे ईसा की हालत वैसी ही आदम की हालत कि उनको को मिट्टी का पुतला बनाकर कहा कि 'हो जा' पस (फ़ौरन ही) वह (इन्सान) हो गया

ٱلَّذِىٓ أَحْسَنَ كُلَّ شَىْءٍ خَلَقَهُۥ ۖ وَبَدَأَ خَلْقَ ٱلْإِنسَٰنِ مِن طِينٍۢ ﴿٧﴾

वह (क़ादिर) जिसने जो चीज़ बनाई (निख सुख से) ख़ूब (दुरुस्त) बनाई और इन्सान की इबतेदाई ख़िलक़त मिट्टी से की

ثُمَّ سَوَّىٰهُ وَنَفَخَ فِيهِ مِن رُّوحِهِۦ ۖ وَجَعَلَ لَكُمُ ٱلسَّمْعَ وَٱلْأَبْصَٰرَ وَٱلْأَفْـِٔدَةَ ۚ قَلِيلًۭا مَّا تَشْكُرُونَ ﴿٩﴾

फिर उस (के पुतले) को दुरुस्त किया और उसमें अपनी तरफ से रुह फूँकी और तुम लोगों के (सुनने के) लिए कान और (देखने के लिए) ऑंखें और (समझने के लिए) दिल बनाएँ (इस पर भी) तुम लोग बहुत कम शुक्र करते हो

يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ ٱتَّقُوا۟ رَبَّكُمُ ٱلَّذِى خَلَقَكُم مِّن نَّفْسٍۢ وَٰحِدَةٍۢ وَخَلَقَ مِنْهَا زَوْجَهَا وَبَثَّ مِنْهُمَا رِجَالًۭا كَثِيرًۭا وَنِسَآءًۭ ۚ وَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ ٱلَّذِى تَسَآءَلُونَ بِهِۦ وَٱلْأَرْحَامَ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ عَلَيْكُمْ رَقِيبًۭا ﴿١﴾

ऐ लोगों अपने पालने वाले से डरो जिसने तुम सबको (सिर्फ) एक शख्स से पैदा किया और (वह इस तरह कि पहले) उनकी बाकी मिट्टी से उनकी बीवी (हव्वा) को पैदा किया और (सिर्फ़) उन्हीं दो (मियॉ बीवी) से बहुत से मर्द और औरतें दुनिया में फैला दिये और उस ख़ुदा से डरो जिसके वसीले से आपस में एक दूसरे से सवाल करते हो और क़तए रहम से भी डरो बेशक ख़ुदा तुम्हारी देखभाल करने वाला है

وَقَدْ خَلَقَكُمْ أَطْوَارًا ﴿١٤﴾

हालॉकि उसी ने तुमको तरह तरह का पैदा किया

From the Sunnah

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1 Sahih al-Bukhari 3326 प्रामाणिक, हदीस के विद्वानों की सहमति से
Arabic text

حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنْ هَمَّامٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ خَلَقَ اللَّهُ آدَمَ وَطُولُهُ سِتُّونَ ذِرَاعًا، ثُمَّ قَالَ اذْهَبْ فَسَلِّمْ عَلَى أُولَئِكَ مِنَ الْمَلاَئِكَةِ، فَاسْتَمِعْ مَا يُحَيُّونَكَ، تَحِيَّتُكَ وَتَحِيَّةُ ذُرِّيَّتِكَ‏.‏ فَقَالَ السَّلاَمُ عَلَيْكُمْ‏.‏ فَقَالُوا السَّلاَمُ عَلَيْكَ وَرَحْمَةُ اللَّهِ‏.‏ فَزَادُوهُ وَرَحْمَةُ اللَّهِ‏.‏ فَكُلُّ مَنْ يَدْخُلُ الْجَنَّةَ عَلَى صُورَةِ آدَمَ، فَلَمْ يَزَلِ الْخَلْقُ يَنْقُصُ حَتَّى الآنَ ‏"‏‏.‏

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2 Jami' at-Tirmidhi 2955 Sahih (Al-Albani)
Arabic text

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، وَابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، وَمُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، وَعَبْدُ الْوَهَّابِ، قَالُوا حَدَّثَنَا عَوْفُ بْنُ أَبِي جَمِيلَةَ الأَعْرَابِيِّ، عَنْ قَسَامَةَ بْنِ زُهَيْرٍ، عَنْ أَبِي مُوسَى الأَشْعَرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ تَعَالَى خَلَقَ آدَمَ مِنْ قَبْضَةٍ قَبَضَهَا مِنْ جَمِيعِ الأَرْضِ فَجَاءَ بَنُو آدَمَ عَلَى قَدْرِ الأَرْضِ فَجَاءَ مِنْهُمُ الأَحْمَرُ وَالأَبْيَضُ وَالأَسْوَدُ وَبَيْنَ ذَلِكَ وَالسَّهْلُ وَالْحَزْنُ وَالْخَبِيثُ وَالطَّيِّبُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏

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यह जवाब मुख्यधारा की सुन्नी समझ का अनुसरण करता है और सामान्य जानकारी है, फ़तवा नहीं। जहाँ मुसलमानों में मतभेद है, जवाब वह बता देता है। क्या आपका अपना कोई सवाल है? हमें लिखें.

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