क़ुरआन की 109वीं सूरत

सूरह Al-Kafirun

मक्की 6 आयतें पारा 30
Al-Kafirun

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

قُلْ يَٰٓأَيُّهَا ٱلْكَٰفِرُونَ ﴿١﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ऐ काफिरों

तफ़्सीर अल-मुयस्सर (अरबी)

لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ ﴿٢﴾

तुम जिन चीज़ों को पूजते हो, मैं उनको नहीं पूजता

तफ़्सीर अल-मुयस्सर (अरबी)

وَلَآ أَنتُمْ عَٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ ﴿٣﴾

और जिस (ख़ुदा) की मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत नहीं करते

तफ़्सीर अल-मुयस्सर (अरबी)

وَلَآ أَنَا۠ عَابِدٌۭ مَّا عَبَدتُّمْ ﴿٤﴾

और जिन्हें तुम पूजते हो मैं उनका पूजने वाला नहीं

तफ़्सीर अल-मुयस्सर (अरबी)

وَلَآ أَنتُمْ عَٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ ﴿٥﴾

और जिसकी मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत करने वाले नहीं

तफ़्सीर अल-मुयस्सर (अरबी)

لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِىَ دِينِ ﴿٦﴾

तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन मेरे लिए मेरा दीन

तफ़्सीर अल-मुयस्सर (अरबी)

Al-Kafirun 6 में से आयत 1

अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi। ऑडियो: everyayah.com।

सूरह Al-Kafirun के बारे में

सूरह Al-Kafirun (الكافرون) क़ुरआन की 109वीं सूरत है। इसमें 6 आयतें हैं और यह पारा 30 में है। इसे मक्की सूरत माना जाता है, यानी यह मुख्यतः नबी ﷺ की मदीना हिजरत से पहले उतरी।

इसका नाम, الكافرون, अरबी में इस सूरत की पहचान है।

सूरह Al-Kafirun के बारे में प्रश्न

सूरह Al-Kafirun में कितनी आयतें हैं?

सूरह Al-Kafirun में 6 आयतें हैं।

सूरह Al-Kafirun मक्की है या मदनी?

वर्गीकरण: मक्की।

सूरह Al-Kafirun किस पारे में है?

सूरह Al-Kafirun पारा 30 में है।

मैं सूरह Al-Kafirun कहाँ सुन सकता हूँ?

इसे आयत-दर-आयत सुनने के लिए इस पन्ने पर प्ले दबाएँ, क़ारी: अब्दुर्रहमान अस-सुदैस, मिशारी अल-अफ़ासी, महमूद ख़लील अल-हुसरी, अब्दुल बासित अब्दुस-समद, माहिर अल-मुऐक़िली, साद अल-ग़ामिदी, अहमद अल-अजमी, अबू बक्र अश-शातरी, हानी अर-रिफ़ाई, मुहम्मद सिद्दीक़ अल-मिंशावी, अली अल-हुज़ैफ़ी, मुहम्मद अय्यूब, अब्दुल्लाह बसफ़र, यासिर अद-दौसरी, नासिर अल-क़तामी, सलाह अल-बुदैर, सऊद अश-शुरैम, अब्दुल्लाह अवाद अल-जुहनी, मुहम्मद जिब्रील।

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