क़ुरआन की 108वीं सूरत

सूरह Al-Kawthar

मक्की 3 आयतें पारा 30
Al-Kawthar

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

إِنَّآ أَعْطَيْنَٰكَ ٱلْكَوْثَرَ ﴿١﴾

(ऐ रसूल) हमनें तुमको को कौसर अता किया,

तफ़्सीर अल-मुयस्सर (अरबी)

فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ ﴿٢﴾

तो तुम अपने परवरदिगार की नमाज़ पढ़ा करो

तफ़्सीर अल-मुयस्सर (अरबी)

إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ ﴿٣﴾

और क़ुर्बानी दिया करो बेशक तुम्हारा दुश्मन बे औलाद रहेगा

तफ़्सीर अल-मुयस्सर (अरबी)

Al-Kawthar 3 में से आयत 1

अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi। ऑडियो: everyayah.com।

सूरह Al-Kawthar के बारे में

सूरह Al-Kawthar (الكوثر) क़ुरआन की 108वीं सूरत है। इसमें 3 आयतें हैं और यह पारा 30 में है। इसे मक्की सूरत माना जाता है, यानी यह मुख्यतः नबी ﷺ की मदीना हिजरत से पहले उतरी।

इसका नाम, الكوثر, अरबी में इस सूरत की पहचान है।

सूरह Al-Kawthar के बारे में प्रश्न

सूरह Al-Kawthar में कितनी आयतें हैं?

सूरह Al-Kawthar में 3 आयतें हैं।

सूरह Al-Kawthar मक्की है या मदनी?

वर्गीकरण: मक्की।

सूरह Al-Kawthar किस पारे में है?

सूरह Al-Kawthar पारा 30 में है।

मैं सूरह Al-Kawthar कहाँ सुन सकता हूँ?

इसे आयत-दर-आयत सुनने के लिए इस पन्ने पर प्ले दबाएँ, क़ारी: अब्दुर्रहमान अस-सुदैस, मिशारी अल-अफ़ासी, महमूद ख़लील अल-हुसरी, अब्दुल बासित अब्दुस-समद, माहिर अल-मुऐक़िली, साद अल-ग़ामिदी, अहमद अल-अजमी, अबू बक्र अश-शातरी, हानी अर-रिफ़ाई, मुहम्मद सिद्दीक़ अल-मिंशावी, अली अल-हुज़ैफ़ी, मुहम्मद अय्यूब, अब्दुल्लाह बसफ़र, यासिर अद-दौसरी, नासिर अल-क़तामी, सलाह अल-बुदैर, सऊद अश-शुरैम, अब्दुल्लाह अवाद अल-जुहनी, मुहम्मद जिब्रील।

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