أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ ﴿١﴾
क्या तुमने उस शख़्श को भी देखा है जो रोज़ जज़ा को झुठलाता है
क़ुरआन की 107वीं सूरत
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ ﴿١﴾
क्या तुमने उस शख़्श को भी देखा है जो रोज़ जज़ा को झुठलाता है
فَذَٰلِكَ ٱلَّذِى يَدُعُّ ٱلْيَتِيمَ ﴿٢﴾
ये तो वही (कम्बख्त) है जो यतीम को धक्के देता है
وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ ﴿٣﴾
और मोहताजों को खिलाने के लिए (लोगों को) आमादा नहीं करता
فَوَيْلٌۭ لِّلْمُصَلِّينَ ﴿٤﴾
तो उन नमाज़ियों की तबाही है
ٱلَّذِينَ هُمْ عَن صَلَاتِهِمْ سَاهُونَ ﴿٥﴾
जो अपनी नमाज़ से ग़ाफिल रहते हैं
ٱلَّذِينَ هُمْ يُرَآءُونَ ﴿٦﴾
जो दिखाने के वास्ते करते हैं
وَيَمْنَعُونَ ٱلْمَاعُونَ ﴿٧﴾
और रोज़मर्रा की मालूली चीज़ें भी आरियत नहीं देते
अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi। ऑडियो: everyayah.com।
सूरह Al-Ma'un (الماعون) क़ुरआन की 107वीं सूरत है। इसमें 7 आयतें हैं और यह पारा 30 में है। इसे मक्की सूरत माना जाता है, यानी यह मुख्यतः नबी ﷺ की मदीना हिजरत से पहले उतरी।
इसका नाम, الماعون, अरबी में इस सूरत की पहचान है।
सूरह Al-Ma'un में 7 आयतें हैं।
वर्गीकरण: मक्की।
सूरह Al-Ma'un पारा 30 में है।
इसे आयत-दर-आयत सुनने के लिए इस पन्ने पर प्ले दबाएँ, क़ारी: अब्दुर्रहमान अस-सुदैस, मिशारी अल-अफ़ासी, महमूद ख़लील अल-हुसरी, अब्दुल बासित अब्दुस-समद, माहिर अल-मुऐक़िली, साद अल-ग़ामिदी, अहमद अल-अजमी, अबू बक्र अश-शातरी, हानी अर-रिफ़ाई, मुहम्मद सिद्दीक़ अल-मिंशावी, अली अल-हुज़ैफ़ी, मुहम्मद अय्यूब, अब्दुल्लाह बसफ़र, यासिर अद-दौसरी, नासिर अल-क़तामी, सलाह अल-बुदैर, सऊद अश-शुरैम, अब्दुल्लाह अवाद अल-जुहनी, मुहम्मद जिब्रील।
This page is translated with machine assistance and may contain mistakes. The English and Arabic versions are our reference. About our sources