क्या मुसलमान विवाह से पहले डेटिंग कर सकते हैं?

औरतें, परिवार और विवाह क़ुरआन · 2 Hadith · 1

संक्षिप्त जवाब

ज़्यादातर मुसलमान पश्चिमी अर्थ में डेटिंग नहीं करते, क्योंकि इस्लाम विवाह के बाहर शारीरिक संबंध की इजाज़त नहीं देता, और न अकेले में निजी तौर पर साथ रहने की। वे मिलते हैं, बात करते हैं और परिवार की भागीदारी और विवाह की नीयत के साथ एक-दूसरे को जानते हैं।

विस्तृत जवाब

एक जोड़ा किसी सार्वजनिक जगह पर, परिवार या दोस्तों के आसपास रहते हुए मिल सकता है, और वे सवाल पूछ सकते हैं जो मायने रखते हैं: मूल्य, लक्ष्य और चरित्र। पैग़ंबर ﷺ ने सलाह दी कि जिससे विवाह करना हो उसे देख लिया जाए। कुछ मुसलमान मंगनी और बातचीत की लंबी अवधि स्वीकार करते हैं और कुछ छोटी।

क़ुरआन ईमान वालों से कहता है कि ज़िना के क़रीब न जाओ, और मर्दों और औरतों दोनों से हया रखने को कहता है। मुसलमान इस पर अलग राय रखते हैं कि अकेले साथ होने में क्या गिना जाएगा, यह उनकी संस्कृति और समझ पर निर्भर करता है, और पश्चिम में नौजवान मुसलमान अक्सर इस पर बहस करते हैं।

क़ुरआन से

وَلَا تَقْرَبُوا۟ ٱلزِّنَىٰٓ ۖ إِنَّهُۥ كَانَ فَٰحِشَةًۭ وَسَآءَ سَبِيلًۭا ﴿٣٢﴾

और (देखो) ज़िना के पास भी न फटकना क्योंकि बेशक वह बड़ी बेहयाई का काम है और बहुत बुरा चलन है

قُل لِّلْمُؤْمِنِينَ يَغُضُّوا۟ مِنْ أَبْصَٰرِهِمْ وَيَحْفَظُوا۟ فُرُوجَهُمْ ۚ ذَٰلِكَ أَزْكَىٰ لَهُمْ ۗ إِنَّ ٱللَّهَ خَبِيرٌۢ بِمَا يَصْنَعُونَ ﴿٣٠﴾ وَقُل لِّلْمُؤْمِنَٰتِ يَغْضُضْنَ مِنْ أَبْصَٰرِهِنَّ وَيَحْفَظْنَ فُرُوجَهُنَّ وَلَا يُبْدِينَ زِينَتَهُنَّ إِلَّا مَا ظَهَرَ مِنْهَا ۖ وَلْيَضْرِبْنَ بِخُمُرِهِنَّ عَلَىٰ جُيُوبِهِنَّ ۖ وَلَا يُبْدِينَ زِينَتَهُنَّ إِلَّا لِبُعُولَتِهِنَّ أَوْ ءَابَآئِهِنَّ أَوْ ءَابَآءِ بُعُولَتِهِنَّ أَوْ أَبْنَآئِهِنَّ أَوْ أَبْنَآءِ بُعُولَتِهِنَّ أَوْ إِخْوَٰنِهِنَّ أَوْ بَنِىٓ إِخْوَٰنِهِنَّ أَوْ بَنِىٓ أَخَوَٰتِهِنَّ أَوْ نِسَآئِهِنَّ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَٰنُهُنَّ أَوِ ٱلتَّٰبِعِينَ غَيْرِ أُو۟لِى ٱلْإِرْبَةِ مِنَ ٱلرِّجَالِ أَوِ ٱلطِّفْلِ ٱلَّذِينَ لَمْ يَظْهَرُوا۟ عَلَىٰ عَوْرَٰتِ ٱلنِّسَآءِ ۖ وَلَا يَضْرِبْنَ بِأَرْجُلِهِنَّ لِيُعْلَمَ مَا يُخْفِينَ مِن زِينَتِهِنَّ ۚ وَتُوبُوٓا۟ إِلَى ٱللَّهِ جَمِيعًا أَيُّهَ ٱلْمُؤْمِنُونَ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ ﴿٣١﴾

(ऐ रसूल) ईमानदारों से कह दो कि अपनी नज़रों को नीची रखें और अपनी शर्मगाहों की हिफाज़त करें यही उनके वास्ते ज्यादा सफाई की बात है ये लोग जो कुछ करते हैं ख़ुदा उससे यक़ीनन ख़ूब वाक़िफ है और (ऐ रसूल) ईमानदार औरतों से भी कह दो कि वह भी अपनी नज़रें नीची रखें और अपनी शर्मगाहों की हिफाज़त करें और अपने बनाव सिंगार (के मक़ामात) को (किसी पर) ज़ाहिर न होने दें मगर जो खुद ब खुद ज़ाहिर हो जाता हो (छुप न सकता हो) (उसका गुनाह नही) और अपनी ओढ़नियों को (घूँघट मारके) अपने गरेबानों (सीनों) पर डाले रहें और अपने शौहर या अपने बाप दादाओं या आपने शौहर के बाप दादाओं या अपने बेटों या अपने शौहर के बेटों या अपने भाइयों या अपने भतीजों या अपने भांजों या अपने (क़िस्म की) औरतों या अपनी या अपनी लौंडियों या (घर के) नौकर चाकर जो मर्द सूरत हैं मगर (बहुत बूढे होने की वजह से) औरतों से कुछ मतलब नहीं रखते या वह कमसिन लड़के जो औरतों के पर्दे की बात से आगाह नहीं हैं उनके सिवा (किसी पर) अपना बनाव सिंगार ज़ाहिर न होने दिया करें और चलने में अपने पाँव ज़मीन पर इस तरह न रखें कि लोगों को उनके पोशीदा बनाव सिंगार (झंकार वग़ैरह) की ख़बर हो जाए और ऐ ईमानदारों तुम सबके सब ख़ुदा की बारगाह में तौबा करो ताकि तुम फलाह पाओ

From the Sunnah

The authentic hadith behind this answer, from Sahih al-Bukhari, Sahih Muslim and the Sunan with the grade of the scholars of hadith. Open a reference to read it in the hadith library of this site.

1 Sahih Muslim 1424a प्रामाणिक, हदीस के विद्वानों की सहमति से
Arabic text

حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ كَيْسَانَ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ أَبِي، هُرَيْرَةَ قَالَ كُنْتُ عِنْدَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَأَتَاهُ رَجُلٌ فَأَخْبَرَهُ أَنَّهُ تَزَوَّجَ امْرَأَةً مِنَ الأَنْصَارِ فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ أَنَظَرْتَ إِلَيْهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ لاَ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ فَاذْهَبْ فَانْظُرْ إِلَيْهَا فَإِنَّ فِي أَعْيُنِ الأَنْصَارِ شَيْئًا ‏"‏ ‏.‏

Read it in the hadith library

यह जवाब मुख्यधारा की सुन्नी समझ का अनुसरण करता है और सामान्य जानकारी है, फ़तवा नहीं। जहाँ मुसलमानों में मतभेद है, जवाब वह बता देता है। क्या आपका अपना कोई सवाल है? हमें लिखें.

This page is translated with machine assistance and may contain mistakes. The English and Arabic versions are our reference. About our sources