मुसलमान पैग़ंबर ﷺ की तस्वीर क्यों नहीं बनाते?

क़ुरआन और पैग़ंबर Hadith · 2

संक्षिप्त जवाब

ज़्यादातर मुस्लिम आलिम मानते हैं कि नबियों ﷺ की तस्वीरें नहीं बनानी चाहिए, ताकि लोग मूर्तिपूजा की ओर न फिसलें और आदर बना रहे। ऐसा नहीं कि मुसलमान कला के विरुद्ध हैं: इस्लामी ख़त्ताती (सुलेख) और ज्यामितीय नक़्क़ाशी महान परंपराएँ हैं।

विस्तृत जवाब

इस्लाम की मुख्य चिंता केवल अल्लाह की इबादत है। इस्लाम से पहले का अरब मूर्तियों से भरा था, और पैग़ंबर ﷺ ने काबा से सबको हटा दिया। इसलिए कि उनकी तस्वीरें कभी श्रद्धा की वस्तु न बन जाएँ, और क्योंकि कोई उनका सही चित्रण कर भी नहीं सकता, मुसलमान उनका चित्र नहीं बनाते, और बहुत से किसी भी नबी का नहीं बनाते।

इसी कारण जब कार्टूनों में उनका मज़ाक़ उड़ाया जाता है तो मुसलमान आहत होते हैं। इससे हिंसा सही नहीं ठहरती: पैग़ंबर ﷺ का ख़ुद अपमान हुआ और उन्होंने सब्र से जवाब दिया, और मुस्लिम आलिम अपमान की वजह से लोगों पर हमलों की निंदा करते हैं। सही जवाब शांतिपूर्ण विरोध, बातचीत या उसे अनदेखा करना है।

From the Sunnah

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1 Sahih al-Bukhari 3445 प्रामाणिक, हदीस के विद्वानों की सहमति से
Arabic text

حَدَّثَنَا الْحُمَيْدِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ سَمِعْتُ الزُّهْرِيَّ، يَقُولُ أَخْبَرَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، سَمِعَ عُمَرَ ـ رضى الله عنه ـ يَقُولُ عَلَى الْمِنْبَرِ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ تُطْرُونِي كَمَا أَطْرَتِ النَّصَارَى ابْنَ مَرْيَمَ، فَإِنَّمَا أَنَا عَبْدُهُ، فَقُولُوا عَبْدُ اللَّهِ وَرَسُولُهُ ‏"‏‏.‏

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2 Sahih al-Bukhari 5950 प्रामाणिक, हदीस के विद्वानों की सहमति से
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حَدَّثَنَا الْحُمَيْدِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ مُسْلِمٍ، قَالَ كُنَّا مَعَ مَسْرُوقٍ فِي دَارِ يَسَارِ بْنِ نُمَيْرٍ، فَرَأَى فِي صُفَّتِهِ تَمَاثِيلَ فَقَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّ أَشَدَّ النَّاسِ عَذَابًا عِنْدَ اللَّهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ الْمُصَوِّرُونَ ‏"‏‏.‏

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यह जवाब मुख्यधारा की सुन्नी समझ का अनुसरण करता है और सामान्य जानकारी है, फ़तवा नहीं। जहाँ मुसलमानों में मतभेद है, जवाब वह बता देता है। क्या आपका अपना कोई सवाल है? हमें लिखें.

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