कश्ती और मछली
यूनुस एक लदी हुई कश्ती की ओर भाग निकलते हैं। वे क़ुरआ डालते हैं और वे हारने वालों में होते हैं, और मछली उन्हें निगल लेती है जबकि वे क़ुसूरवार थे। अगर वे अल्लाह की तस्बीह करने वालों में न होते, तो उसके पेट में उस दिन तक रहते जब लोग उठाए जाएँगे। उन्हें एक बंजर किनारे पर डाल दिया जाता है, बीमार हालत में, और उन पर एक बेलदार पौधा उगा दिया जाता है।
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وَإِنَّ يُونُسَ لَمِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ ﴿١٣٩﴾
और इसमें शक नहीं कि यूनुस (भी) पैग़म्बरों में से थे
إِذْ أَبَقَ إِلَى ٱلْفُلْكِ ٱلْمَشْحُونِ ﴿١٤٠﴾
(वह वक्त याद करो) जब यूनुस भाग कर एक भरी हुई कश्ती के पास पहुँचे
فَسَاهَمَ فَكَانَ مِنَ ٱلْمُدْحَضِينَ ﴿١٤١﴾
तो (अहले कश्ती ने) कुरआ डाला तो (उनका ही नाम निकला) यूनुस ने ज़क उठायी (और दरिया में गिर पड़े)
فَٱلْتَقَمَهُ ٱلْحُوتُ وَهُوَ مُلِيمٌۭ ﴿١٤٢﴾
तो उनको एक मछली निगल गयी और यूनुस खुद (अपनी) मलामत कर रहे थे
فَلَوْلَآ أَنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلْمُسَبِّحِينَ ﴿١٤٣﴾
फिर अगर यूनुस (खुदा की) तसबीह (व ज़िक्र) न करते
لَلَبِثَ فِى بَطْنِهِۦٓ إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ ﴿١٤٤﴾
तो रोज़े क़यामत तक मछली के पेट में रहते
۞ فَنَبَذْنَٰهُ بِٱلْعَرَآءِ وَهُوَ سَقِيمٌۭ ﴿١٤٥﴾
फिर हमने उनको (मछली के पेट से निकाल कर) एक खुले मैदान में डाल दिया
وَأَنۢبَتْنَا عَلَيْهِ شَجَرَةًۭ مِّن يَقْطِينٍۢ ﴿١٤٦﴾
और (वह थोड़ी देर में) बीमार निढाल हो गए थे और हमने उन पर साये के लिए एक कद्दू का दरख्त उगा दिया
وَأَرْسَلْنَٰهُ إِلَىٰ مِا۟ئَةِ أَلْفٍ أَوْ يَزِيدُونَ ﴿١٤٧﴾
और (इसके बाद) हमने एक लाख बल्कि (एक हिसाब से) ज्यादा आदमियों की तरफ (पैग़म्बर बना कर भेजा)
فَـَٔامَنُوا۟ فَمَتَّعْنَٰهُمْ إِلَىٰ حِينٍۢ ﴿١٤٨﴾
तो वह लोग (उन पर) ईमान लाए फिर हमने (भी) एक ख़ास वक्त तक उनको चैन से रखा