नबी Yunus

21 / 25 يونس Jonah 13 आयतें

क़ुरआन में यूनुस को “मछली वाला” कहा गया है।

1

कश्ती और मछली

यूनुस एक लदी हुई कश्ती की ओर भाग निकलते हैं। वे क़ुरआ डालते हैं और वे हारने वालों में होते हैं, और मछली उन्हें निगल लेती है जबकि वे क़ुसूरवार थे। अगर वे अल्लाह की तस्बीह करने वालों में न होते, तो उसके पेट में उस दिन तक रहते जब लोग उठाए जाएँगे। उन्हें एक बंजर किनारे पर डाल दिया जाता है, बीमार हालत में, और उन पर एक बेलदार पौधा उगा दिया जाता है।

आयतें दिखाएँ (10)

وَإِنَّ يُونُسَ لَمِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ ﴿١٣٩﴾

और इसमें शक नहीं कि यूनुस (भी) पैग़म्बरों में से थे

إِذْ أَبَقَ إِلَى ٱلْفُلْكِ ٱلْمَشْحُونِ ﴿١٤٠﴾

(वह वक्त याद करो) जब यूनुस भाग कर एक भरी हुई कश्ती के पास पहुँचे

فَسَاهَمَ فَكَانَ مِنَ ٱلْمُدْحَضِينَ ﴿١٤١﴾

तो (अहले कश्ती ने) कुरआ डाला तो (उनका ही नाम निकला) यूनुस ने ज़क उठायी (और दरिया में गिर पड़े)

فَٱلْتَقَمَهُ ٱلْحُوتُ وَهُوَ مُلِيمٌۭ ﴿١٤٢﴾

तो उनको एक मछली निगल गयी और यूनुस खुद (अपनी) मलामत कर रहे थे

فَلَوْلَآ أَنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلْمُسَبِّحِينَ ﴿١٤٣﴾

फिर अगर यूनुस (खुदा की) तसबीह (व ज़िक्र) न करते

لَلَبِثَ فِى بَطْنِهِۦٓ إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ ﴿١٤٤﴾

तो रोज़े क़यामत तक मछली के पेट में रहते

۞ فَنَبَذْنَٰهُ بِٱلْعَرَآءِ وَهُوَ سَقِيمٌۭ ﴿١٤٥﴾

फिर हमने उनको (मछली के पेट से निकाल कर) एक खुले मैदान में डाल दिया

وَأَنۢبَتْنَا عَلَيْهِ شَجَرَةًۭ مِّن يَقْطِينٍۢ ﴿١٤٦﴾

और (वह थोड़ी देर में) बीमार निढाल हो गए थे और हमने उन पर साये के लिए एक कद्दू का दरख्त उगा दिया

وَأَرْسَلْنَٰهُ إِلَىٰ مِا۟ئَةِ أَلْفٍ أَوْ يَزِيدُونَ ﴿١٤٧﴾

और (इसके बाद) हमने एक लाख बल्कि (एक हिसाब से) ज्यादा आदमियों की तरफ (पैग़म्बर बना कर भेजा)

فَـَٔامَنُوا۟ فَمَتَّعْنَٰهُمْ إِلَىٰ حِينٍۢ ﴿١٤٨﴾

तो वह लोग (उन पर) ईमान लाए फिर हमने (भी) एक ख़ास वक्त तक उनको चैन से रखा

2

अँधेरों में दुआ

वे ग़ुस्से में चले जाते हैं, यह सोचकर कि अल्लाह उन पर कोई तंगी नहीं डालेगा, और अँधेरों में पुकारते हैं: “तेरे सिवा कोई माबूद नहीं; तू पाक है। बेशक मैं ज़ालिमों में से हुआ।” अल्लाह उनकी दुआ क़बूल करता है और उन्हें ग़म से बचा लेता है, जैसे वह ईमान वालों को बचाता है।

आयतें दिखाएँ (2)

وَذَا ٱلنُّونِ إِذ ذَّهَبَ مُغَٰضِبًۭا فَظَنَّ أَن لَّن نَّقْدِرَ عَلَيْهِ فَنَادَىٰ فِى ٱلظُّلُمَٰتِ أَن لَّآ إِلَٰهَ إِلَّآ أَنتَ سُبْحَٰنَكَ إِنِّى كُنتُ مِنَ ٱلظَّٰلِمِينَ ﴿٨٧﴾

और जुन्नून (यूनुस को याद करो) जबकि गुस्से में आकर चलते हुए और ये ख्याल न किया कि हम उन पर रोज़ी तंग न करेंगे (तो हमने उन्हें मछली के पेट में पहुँचा दिया) तो (घटाटोप) अंधेरे में (घबराकर) चिल्ला उठा कि (परवरदिगार) तेरे सिवा कोई माबूद नहीं तू (हर ऐब से) पाक व पाकीज़ा है बेशक मैं कुसूरवार हूँ

فَٱسْتَجَبْنَا لَهُۥ وَنَجَّيْنَٰهُ مِنَ ٱلْغَمِّ ۚ وَكَذَٰلِكَ نُۨجِى ٱلْمُؤْمِنِينَ ﴿٨٨﴾

तो हमने उनकी दुआ कुबूल की और उन्हें रंज से नजात दी और हम तो ईमानवालों को यूँ ही नजात दिया करते हैं

3

एक क़ौम जो ईमान लाई

सब बस्तियों में से कोई भी ऐसी न थी जो ईमान लाई हो और उसके ईमान ने उसे फ़ायदा दिया हो, सिवाय यूनुस की क़ौम के। अल्लाह ने उनसे दुनिया की ज़िंदगी में रुसवाई का अज़ाब हटा दिया और उन्हें एक वक़्त तक फ़ायदा उठाने दिया।

आयतें दिखाएँ (1)

فَلَوْلَا كَانَتْ قَرْيَةٌ ءَامَنَتْ فَنَفَعَهَآ إِيمَٰنُهَآ إِلَّا قَوْمَ يُونُسَ لَمَّآ ءَامَنُوا۟ كَشَفْنَا عَنْهُمْ عَذَابَ ٱلْخِزْىِ فِى ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا وَمَتَّعْنَٰهُمْ إِلَىٰ حِينٍۢ ﴿٩٨﴾

कोई बस्ती ऐसी क्यों न हुई कि ईमान क़ुबूल करती तो उसको उसका ईमान फायदे मन्द होता हाँ यूनूस की क़ौम जब (अज़ाब देख कर) ईमान लाई तो हमने दुनिया की (चन्द रोज़ा) ज़िन्दगी में उनसे रुसवाई का अज़ाब दफा कर दिया और हमने उन्हें एक ख़ास वक्त तक चैन करने दिया

यह क़िस्सा केवल क़ुरआन से लिया गया है। दूसरी किताबों की तफ़सीलें नहीं जोड़ी गईं।

अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi।

नबियों के बारे में सवाल

नबी Yunus कौन थे?

क़ुरआन में यूनुस को “मछली वाला” कहा गया है।

क़ुरआन में Yunus का क़िस्सा कहाँ है?

यह As-Saffat 37:139–148, Al-Anbiya 21:87–88, Yunus 10:98 में है। यह पन्ना इन आयतों को अरबी में और आपकी भाषा में दिखाता है।

This page is translated with machine assistance and may contain mistakes. The English and Arabic versions are our reference. About our sources